किसी गाने को कराओके वर्ज़न में बदलने के क्या चरण हैं?
किसी गाने की फ़ाइल से कराओके जैसा वर्ज़न बनाएँ: मुख्य आवाज़ कम करें, डाउनलोड के बाद बची आवाज़, टाइमिंग और वॉल्यूम संतुलन जाँचें, फिर अभ्यास करें।
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किसी गाने की फ़ाइल से कराओके जैसा वर्ज़न बनाएँ: मुख्य आवाज़ कम करें, डाउनलोड के बाद बची आवाज़, टाइमिंग और वॉल्यूम संतुलन जाँचें, फिर अभ्यास करें।
किसी गाने को कराओके वर्ज़न में बदलने के क्या चरण हैं?
अंतिम समीक्षा:
एक नज़र में
किसी गाने की फ़ाइल से कराओके जैसा वर्ज़न बनाएँ: मुख्य आवाज़ कम करें, डाउनलोड के बाद बची आवाज़, टाइमिंग और वॉल्यूम संतुलन जाँचें, फिर अभ्यास करें।
नहीं। MR Maker आवाज़ कम किया हुआ ऑडियो परिणाम बनाता है; स्क्रीन पर बोल दिखाने वाला वीडियो बनाना एक अलग काम है, जिसके लिए दूसरा टूल चाहिए।
इसकी गारंटी नहीं है। मुख्य आवाज़ कम होती है, पर उसके निशान बच सकते हैं। अभ्यास से पहले वर्ज़न सुनें और जिन हिस्सों को गाना है वहाँ बची आवाज़, टाइमिंग और वॉल्यूम संतुलन जाँचें।
हाँ, अभ्यास और तैयारी के आधार के रूप में। पहले बची आवाज़ और टाइमिंग जाँचें, और इस संगत के साथ कवर प्रकाशित करने से पहले अधिकार अलग से पक्के करें।
यहाँ कराओके वर्ज़न का मतलब है किसी तैयार गाने का ऐसा रूप जिसमें मुख्य गायन कम कर दिया गया हो। इससे आपको संगत पर खुद गाने के लिए ज़्यादा जगह मिलती है। यह प्रक्रिया पहले से मिक्स हो चुके गाने पर काम करती है, स्टूडियो की अलग-अलग ट्रैक फ़ाइलों पर नहीं। नतीजा कराओके शैली की एक ऑडियो फ़ाइल होता है, बोल दिखाने वाला वीडियो नहीं। शुरू करने से पहले यह अंतर समझ लेने से आप जानते हैं कि अंत में आपके हाथ में क्या आएगा।
वही रिकॉर्डिंग चुनें जिस पर आप सचमुच गाना चाहते हैं और जिसे इस्तेमाल करने की अनुमति आपके पास है। अभ्यास या कवर की तैयारी के लिए जो संस्करण चाहिए, उसकी शुरुआत, अंत और लंबाई पहले से मिला लें। फ़ाइल को एक बार शुरू से अंत तक चलाएँ, ताकि बीच की रुकावट या विकृति रूपांतरण के बाद पहली बार पता न चले। स्रोत में जो खराबी पहले से है, वह मुख्य आवाज़ कम करने से ठीक नहीं होती। साफ़ शुरुआती फ़ाइल बाद की उलझन से बचाती है।
डाउनलोड की गई फ़ाइल को अभ्यास शुरू करने से पहले ध्यान से सुनें। तीन बातों पर नज़र रखें: मूल आवाज़ के बचे हुए निशान, टाइमिंग का स्थिर रहना, और वाद्यों के बीच वॉल्यूम का संतुलन। इसके लिए अंतरे और मुखड़े के वही हिस्से मूल गाने से मिलाकर सुनें। इससे जल्दी पता चल जाता है कि यह वर्ज़न आपके गायन को सहारा देगा या कुछ हिस्से खटकेंगे। यह छोटी जाँच रिहर्सल के बीच में होने वाली झुंझलाहट से बचाती है।
मुख्य गायन कम होता है, पर हर गाने में पूरी तरह गायब हो जाए, यह ज़रूरी नहीं। कुछ शब्दांश, गूँज या बैकिंग आवाज़ें कराओके वर्ज़न में सुनाई दे सकती हैं। असली सवाल यह है कि गाते समय ये निशान आपको सचमुच परेशान करते हैं या नहीं। घर पर अभ्यास में हल्का निशान चल सकता है, जबकि रिकॉर्डिंग में वही खटक सकता है। इसलिए परिणाम को हमेशा उसी काम के हिसाब से परखें जिसके लिए आपको उसकी ज़रूरत है।
MR Maker आवाज़ कम किया हुआ ऑडियो परिणाम देता है। स्क्रीन पर बोल दिखाने वाला वीडियो इससे नहीं बनता; वह अपने अलग टूल वाला अलग काम है। अगर आपको स्क्रीन पर बोल चाहिए, तो उस चरण की योजना अलग से बनाएँ। केवल अभ्यास के लिए अक्सर छपे हुए बोल या फ़ोन में लिखे नोट्स ऑडियो फ़ाइल के साथ काफ़ी होते हैं। कवर की तैयारी में यही ऑडियो फ़ाइल वह आधार रहती है जिस पर आप अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करते हैं।
नहीं। MR Maker आवाज़ कम किया हुआ ऑडियो परिणाम बनाता है; स्क्रीन पर बोल दिखाने वाला वीडियो बनाना एक अलग काम है, जिसके लिए दूसरा टूल चाहिए।
इसकी गारंटी नहीं है। मुख्य आवाज़ कम होती है, पर उसके निशान बच सकते हैं। अभ्यास से पहले वर्ज़न सुनें और जिन हिस्सों को गाना है वहाँ बची आवाज़, टाइमिंग और वॉल्यूम संतुलन जाँचें।
हाँ, अभ्यास और तैयारी के आधार के रूप में। पहले बची आवाज़ और टाइमिंग जाँचें, और इस संगत के साथ कवर प्रकाशित करने से पहले अधिकार अलग से पक्के करें।
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