बनाए गए बैकिंग ट्रैक को मंच या रिहर्सल में इस्तेमाल करने से पहले क्या जाँचें?
मंच की प्रस्तुति या रिहर्सल के लिए बैकिंग ट्रैक तैयार करें। उसी उपकरण और स्पीकर पर प्लेबैक, ऑडियो गुणवत्ता, आयोजन स्थल के नियम और अधिकार पहले से जाँचें।
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मंच की प्रस्तुति या रिहर्सल के लिए बैकिंग ट्रैक तैयार करें। उसी उपकरण और स्पीकर पर प्लेबैक, ऑडियो गुणवत्ता, आयोजन स्थल के नियम और अधिकार पहले से जाँचें।
बनाए गए बैकिंग ट्रैक को मंच या रिहर्सल में इस्तेमाल करने से पहले क्या जाँचें?
अंतिम समीक्षा:
एक नज़र में
मंच की प्रस्तुति या रिहर्सल के लिए बैकिंग ट्रैक तैयार करें। उसी उपकरण और स्पीकर पर प्लेबैक, ऑडियो गुणवत्ता, आयोजन स्थल के नियम और अधिकार पहले से जाँचें।
आप इसे प्लेबैक फ़ाइल के रूप में तैयार कर सकते हैं, लेकिन उपयोग से पहले आयोजन स्थल के नियम और स्रोत के अधिकार जाँचने होंगे। फ़ाइल तैयार होना मंच पर उपयोग की अनुमति नहीं है।
नहीं। आवाज़ घटाया हुआ बैकिंग ट्रैक बनाना अपने आप प्रस्तुति, प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग का अधिकार नहीं देता। इन अधिकारों की जाँच अलग से करनी होती है।
परिणाम जल्दी डाउनलोड करें और ठीक उसी उपकरण और स्पीकर सेटअप पर बजाएँ जिसका मंच पर उपयोग होगा। फ़ाइल का खुलना, आवाज़ का स्तर और ऑडियो गुणवत्ता वहीं परखें।
मंच पर प्रस्तुति के दिन फ़ाइल बनाने या ढूँढने का समय नहीं होता। इसलिए परिणाम को जल्दी डाउनलोड करके अपनी तैयारी का हिस्सा बना लें। फ़ाइल का नाम ऐसा रखें जिससे गाना और संस्करण तुरंत पहचाने जा सकें। प्रस्तुति के क्रम में कई गाने हों तो हर फ़ाइल को अलग से पहचानने योग्य बनाएँ। जल्दी तैयार फ़ाइल से रिहर्सल में उसी फ़ाइल पर अभ्यास करने का पूरा समय मिलता है।
जिस फ़ोन, लैपटॉप या प्लेयर और जिस स्पीकर सेटअप से आप मंच पर ट्रैक चलाने की योजना बना रहे हैं, उसी पर पहले से बजाकर देखें। किसी दूसरे उपकरण पर ठीक चलना यह साबित नहीं करता कि मंच वाले सेटअप पर भी सब ठीक रहेगा। फ़ाइल खुलती है या नहीं, आवाज़ कितनी तेज़ आती है और शुरुआत सही जगह से होती है, यह सब देखें। संभव हो तो यह जाँच रिहर्सल के दौरान ही कर लें। सही सेटअप पर किया गया परीक्षण मंच पर आत्मविश्वास देता है।
निजी अभ्यास में जो छोटी कमियाँ चल जाती हैं, वे श्रोताओं के सामने बड़े स्पीकर पर ज़्यादा उभर सकती हैं। इसलिए ट्रैक को पूरा सुनें और देखें कि मूल गायन के निशान, कमज़ोर वाद्य या धुंधली आवाज़ तो नहीं है। यह जाँच भी उसी स्पीकर सेटअप पर करें जहाँ प्रस्तुति होगी। फिर तय करें कि परिणाम मंच के लिए पर्याप्त है या केवल रिहर्सल के लिए ठीक है। यह फैसला प्रस्तुति से पहले ही कर लेना चाहिए।
आवाज़ घटाया हुआ बैकिंग ट्रैक बनाना आपको अपने आप प्रस्तुति, प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग के अधिकार नहीं देता। तकनीकी प्रक्रिया और कानूनी अनुमति दो अलग बातें हैं। मंच पर गाने से पहले गीत और रिकॉर्डिंग के अधिकार स्वयं जाँचें। अगर प्रस्तुति रिकॉर्ड करके प्रकाशित करनी है या उससे कमाई होनी है, तो वे उपयोग भी अलग से देखने होंगे। अधिकार साफ होने पर ही ट्रैक को सार्वजनिक प्रस्तुति में शामिल करें।
हर आयोजन स्थल के प्लेबैक और प्रस्तुति से जुड़े अपने नियम हो सकते हैं। मंच पर बैकिंग ट्रैक इस्तेमाल करने से पहले आयोजकों से ये नियम पूछ लें। यह भी देखें कि ट्रैक कौन चलाएगा, आप स्वयं या स्थल का कोई ऑपरेटर। स्थल के नियम, आपका उपकरण और ट्रैक के अधिकार, तीनों साफ हों तो प्रस्तुति की तैयारी पूरी मानी जा सकती है। इनमें से कोई बात अधूरी हो तो उसे पहले सुलझाएँ।
आप इसे प्लेबैक फ़ाइल के रूप में तैयार कर सकते हैं, लेकिन उपयोग से पहले आयोजन स्थल के नियम और स्रोत के अधिकार जाँचने होंगे। फ़ाइल तैयार होना मंच पर उपयोग की अनुमति नहीं है।
नहीं। आवाज़ घटाया हुआ बैकिंग ट्रैक बनाना अपने आप प्रस्तुति, प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग का अधिकार नहीं देता। इन अधिकारों की जाँच अलग से करनी होती है।
परिणाम जल्दी डाउनलोड करें और ठीक उसी उपकरण और स्पीकर सेटअप पर बजाएँ जिसका मंच पर उपयोग होगा। फ़ाइल का खुलना, आवाज़ का स्तर और ऑडियो गुणवत्ता वहीं परखें।
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