कवर रिकॉर्डिंग के लिए कम मुख्य आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक कैसे तैयार करें?
कवर गायन, रिकॉर्डिंग की तैयारी और वोकल क्लास के लिए कम आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक बनाएँ, और पोस्ट करने से पहले आवाज़ की गुणवत्ता व अधिकार जाँचें।
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कवर गायन, रिकॉर्डिंग की तैयारी और वोकल क्लास के लिए कम आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक बनाएँ, और पोस्ट करने से पहले आवाज़ की गुणवत्ता व अधिकार जाँचें।
कवर रिकॉर्डिंग के लिए कम मुख्य आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक कैसे तैयार करें?
अंतिम समीक्षा:
एक नज़र में
कवर गायन, रिकॉर्डिंग की तैयारी और वोकल क्लास के लिए कम आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक बनाएँ, और पोस्ट करने से पहले आवाज़ की गुणवत्ता व अधिकार जाँचें।
यह अभ्यास और रिकॉर्डिंग की तैयारी में मदद कर सकता है, लेकिन कवर को सार्वजनिक रूप से अपलोड करने या उससे कमाई करने के अधिकार प्रकाशन से पहले अलग से जाँचने होंगे।
यह टूल तय नहीं करता। प्रकाशन और कमाई के अधिकार संबंधित अधिकार-धारकों से या जिस प्लैटफ़ॉर्म पर पोस्ट करना है उसके नियमों के अनुसार अलग से जाँचें।
हाँ, कर सकता है: पूरी मूल आवाज़ के बिना आपका सुर, साँस और टाइमिंग ज़्यादा साफ़ सुनाई देते हैं। क्लास से पहले परिणाम सुन लें, ताकि खटकने वाले निशान अचानक सामने न आएँ।
जब मूल गायक की आवाज़ कम हो जाती है, तो आप अपना सुर, साँस लेने का ढंग और टाइमिंग ज़्यादा साफ़ सुन पाते हैं। किसी कवर को अच्छी तरह तैयार करने के लिए यही चाहिए। पूरी मूल आवाज़ कानों में हो तो आप अनजाने में अपनी बजाय मूल गायक की आवाज़ के पीछे चलने लगते हैं। कम मुख्य आवाज़ वाला बैकिंग ट्रैक आपकी अपनी प्रस्तुति के लिए ज़्यादा जगह छोड़ता है। इससे जल्दी समझ आता है कि किन हिस्सों पर अभी और मेहनत चाहिए।
कवर गायक ऐसे बैकिंग ट्रैक का इस्तेमाल आम तौर पर तीन कामों में करते हैं: रोज़ का अभ्यास, रिकॉर्डिंग की तैयारी और वोकल क्लास। अभ्यास में गाना शुरू करने के पल और पंक्तियों का बहाव सबसे अहम होता है। रिकॉर्डिंग की तैयारी में माइक चालू होने से पहले सुर और भाव तय किए जाते हैं। क्लास में शिक्षक मूल आवाज़ के बिना आपकी आवाज़ बेहतर परख सकते हैं। इनमें से हर काम के लिए परिणाम को पहले सुन लेना फ़ायदेमंद है।
कवर रिकॉर्ड करने से पहले बैकिंग ट्रैक को शुरू से अंत तक सुनें। देखें कि कहीं-कहीं मूल आवाज़ के निशान तो नहीं झलकते, और ड्रम व बास स्थिर रहते हैं या नहीं। जो बात अभ्यास में मुश्किल से पता चलती है, वह तैयार रिकॉर्डिंग में साफ़ सुनाई दे सकती है। इसके लिए हेडफ़ोन और वही उपकरण इस्तेमाल करें जिस पर बाद में रिकॉर्ड करेंगे। जब परिणाम आपको ठीक लगे, तभी असली रिकॉर्डिंग सत्र शुरू करें।
कवर पोस्ट करने या उससे कमाई करने से पहले स्रोत के अधिकार अलग से जाँचने होंगे। बैकिंग ट्रैक अभ्यास और रिकॉर्डिंग की तैयारी में मदद करता है; सार्वजनिक उपयोग की अनुमति यह तय नहीं करता। प्लैटफ़ॉर्म और अधिकार-धारकों के इसके लिए अपने नियम होते हैं। ये सवाल अपलोड के बाद नहीं, पहले सुलझाएँ। इससे तैयार कवर को बाद में हटाने की नौबत से बचा जा सकता है।
बैकिंग ट्रैक को पहले अपनी तैयारी की कार्य-फ़ाइल समझें। क्या वह किसी प्रकाशित कवर में भी सुनाई दे सकता है, यह अलग फ़ैसला है जो आवाज़ की गुणवत्ता और अधिकार, दोनों पर निर्भर करता है। गुणवत्ता जाँचते समय उन हिस्सों पर ख़ास ध्यान दें जहाँ आपकी आवाज़ धीमी है, क्योंकि वहीं मूल आवाज़ के निशान सबसे आसानी से उभरते हैं। जाँचा हुआ संस्करण साफ़ नाम से सहेजें, ताकि गलती से कोई पुरानी फ़ाइल इस्तेमाल न हो। इससे आपकी रिकॉर्डिंग का क्रम साफ़ और व्यवस्थित रहता है।
यह अभ्यास और रिकॉर्डिंग की तैयारी में मदद कर सकता है, लेकिन कवर को सार्वजनिक रूप से अपलोड करने या उससे कमाई करने के अधिकार प्रकाशन से पहले अलग से जाँचने होंगे।
यह टूल तय नहीं करता। प्रकाशन और कमाई के अधिकार संबंधित अधिकार-धारकों से या जिस प्लैटफ़ॉर्म पर पोस्ट करना है उसके नियमों के अनुसार अलग से जाँचें।
हाँ, कर सकता है: पूरी मूल आवाज़ के बिना आपका सुर, साँस और टाइमिंग ज़्यादा साफ़ सुनाई देते हैं। क्लास से पहले परिणाम सुन लें, ताकि खटकने वाले निशान अचानक सामने न आएँ।
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